ताजा खबर
विक्रम के बर्थडे पर ‘चियान 63’ का फर्स्ट फ्लेम टीज़र रिलीज़ हुआ, फैंस बोले—अब आएगा असली धमाका!   ||    सलमान खान की नई फिल्म का धमाकेदार आगाज़, वामशी पैडिपल्ली के साथ शुरू हुई मेगा एंटरटेनर की शूटिंग!   ||    “सुल्तान से कोई मुकाबला नहीं” — ‘Glory’ लॉन्च पर पुलकित सम्राट ने सलमान खान को बताया असली OG   ||    यामिनी मल्होत्रा की लग्ज़री छलांग—करोडो की मर्सिडीज खरीदी   ||    ‘पति पत्नी और वो दो’ की नई रिलीज डेट फाइनल!   ||    CBSE 12वीं रिजल्ट 2026: अप्रैल के अंत तक आ सकते हैं नतीजे; 18 लाख से ज्यादा छात्रों की धड़कनें तेज   ||    IPL 2026: KKR की लगातार हार से बढ़ा दबाव, गुजरात टाइटंस ने रोमांचक मुकाबले में मारी बाजी   ||    कश्मीर में भूकंप के झटके, लोग घरों से बाहर निकले   ||    प्रियंका गांधी ने कहा कि सीटें बढ़ाना सत्ता में बने रहने की साजिश थी।   ||    Shreyas Iyer का बड़ा बयान - आईपीएल खिताब जीतना ही हमारा एकमात्र लक्ष्य   ||   

क्या कांग्रेस की रैली में इंडिया गठबंधन के अन्य दल होंगे शामिल? सस्पेंस बरकरार, वोट चोरी और SIR पर होना है घमासान

Photo Source :

Posted On:Thursday, December 11, 2025

कांग्रेस पार्टी आगामी 14 दिसंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली आयोजित करने जा रही है. इस रैली का मुख्य उद्देश्य 'वोट चोरी' और विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) जैसे महत्वपूर्ण चुनावी मुद्दों को उठाकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को घेरना है. कांग्रेस इन मुद्दों पर लंबे समय से मुखर रही है और आरोप लगा रही है कि चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताएं बरती जा रही हैं.

इस रैली से पहले, कांग्रेस ने इन दोनों मुद्दों को लेकर देशभर में एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया था. इस अभियान के तहत एकत्र किए गए हस्ताक्षरों को 14 दिसंबर की रैली के बाद राष्ट्रपति को सौंपा जाएगा. देश के कई राज्यों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम लोगों को इस रैली में शामिल करने की तैयारी पूरी कर ली गई है.

अकेले करने का था विचार, अब सहयोगी दलों पर सस्पेंस

शुरुआत में, कांग्रेस ने दिल्ली की रामलीला मैदान रैली को अकेले आयोजित करने का फैसला किया था. हालांकि, कांग्रेस के उच्च सूत्रों के मुताबिक, पार्टी अब इंडिया गठबंधन में शामिल अन्य सहयोगी दलों को भी शामिल करने पर विचार कर रही है. लेकिन सहयोगी दलों को बुलाने पर अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया जा सका है.

इस संशय के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण बताए जा रहे हैं:

  1. TMC की अलग रणनीति: कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक, पार्टी को लगता है कि SIR मामले पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) पूरी तरह से साथ में नजर नहीं आ रही है. TMC कथित तौर पर इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस को अपने नीचे रखकर फ्रंट फुट पर केंद्र और चुनाव आयोग को घेरना चाहती है, जिससे कांग्रेस असहज महसूस कर रही है.

  2. नकारात्मक छवि का डर: कांग्रेस नेताओं को यह भी लग रहा है कि यदि इंडिया गठबंधन के बाकी दलों को आमंत्रित किया जाता है, और यदि बड़े सहयोगी दलों के बड़े नेता स्वयं रैली में नहीं आए, तो इससे एक नकारात्मक छवि और संदेश जनता के बीच जा सकता है, जो गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े करेगा.

सहयोगी दलों के बड़े चेहरों पर सस्पेंस बरकरार

इन्हीं कारणों के चलते, कांग्रेस ने अभी तक सहयोगी दलों को बुलाने को लेकर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया है. पिछले कई दिनों में कांग्रेस आलाकमान इस विषय को लेकर कई आंतरिक बैठकें कर चुका है, लेकिन सहमति नहीं बन पाई है.

कांग्रेस को लगता है कि इस रैली और 'वोट चोरी' के मुद्दे के जरिए वह न केवल अपने कोर वोटर को संबोधित कर सकती है, बल्कि बीजेपी पर लगे 'वोट चोरी' के खुलासे को भी जनता के सामने मजबूती से पेश कर सकती है. यह देखना दिलचस्प होगा कि 14 दिसंबर की इस महत्वपूर्ण रैली में इंडिया गठबंधन की एकता का प्रदर्शन होता है या कांग्रेस अकेले ही इन गंभीर चुनावी मुद्दों पर अपनी लड़ाई जारी रखती है.


मिर्ज़ापुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. mirzapurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.