ताजा खबर
सलमान खान-नयनतारा की नई फिल्म SVC63 की धूमधाम से शुरुआत, मुंबई में हुआ भव्य मुहूर्त   ||    राष्ट्रपति भवन में प्रियंका मोहन का खास पल, फैंस के लिए बना यादगार अनुभव!!   ||    ‘रूप दी रानी’ टीज़र से मचा धमाल: आयुष्मान खुराना का लव ट्रायएंगल और स्टार्स का ग्लैमरस तड़का बना चर्...   ||    वरुण धवन का ‘WOW’ गाने का टीज़र वायरल, ‘है जवानी तो इश्क़ होना है’ ने बढ़ाई फैंस की धड़कनें   ||    बेल्जियम में अजित कुमार का धमाका: स्पा फ्रैंकोरशैंप्स में शानदार P2 फिनिश से रेसिंग दुनिया में बढ़ी ...   ||    काहिरा में भारतीय निशानेबाजों का दबदबा शिवा नरवाल ने जीता स्वर्ण, पनाह को रजत और चिराग को कांस्य   ||    ईरान के हवाई क्षेत्र में फिर से गूंजी विमानों की गड़गड़ाहट: 50 दिनों के बाद घरेलू उड़ानें बहाल; रूस ...   ||    भारत के पहले FDRE प्रोजेक्ट का आगाज़ जूनिपर ग्रीन एनर्जी ने शुरू की कमीशनिंग हरियाणा को मिलेगी शेड्यू...   ||    भारत-भूटान सीमा शुल्क सहयोग 7वीं जेजीसी बैठक में व्यापार सुगमता और डिजिटल सुरक्षा पर बनी सहमति   ||    अभिषेक शर्मा का विराट धमाका: कोहली के सबसे बड़े रिकॉर्ड की बराबरी, टी20 क्रिकेट में जड़ा 9वां शतक   ||   

क्रिमिनल लॉ की जगह तीनों नए बिल मंजूर, जानिए पूरा मामला

Photo Source :

Posted On:Monday, November 6, 2023

मुंबई, 06 नवंबर, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। भारतीय दंड संहिता (IPC), दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) और एविडेंस एक्ट की जगह लेने वाले तीन विधेयकों को गृह मंत्रालय की संसदीय कमेटी में स्वीकार कर लिए हैं। इसके साथ ही विपक्षी सदस्यों ने भी अपनी असहमति वाले नोट भी सबमिट कर दिए हैं। 27 अक्टूबर को हुई बैठक में कमेटी ने ड्राफ्ट रिपोर्ट को स्वीकार नहीं किया था। कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम समेत विपक्षी सदस्यों ने कमेटी के अध्यक्ष बृज लाल से ड्राफ्ट पर फैसला लेने के लिए दिए गए समय को तीन महीने बढ़ाने का आग्रह किया था। सदस्यों ने कहा था कि चुनावी लाभ के लिए इन विधेयकों को उछालना सही नहीं है। ये विधेयक 11 अगस्त को संसद में पेश किए गए थे। अगस्त में ही इससे जुड़ा ड्राफ्ट गृह मामलों की स्थायी समिति को भेजा गया था। कमेटी को ड्राफ्ट स्वीकार करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया है। कमेटी ने उनकी मांग मान ली थी। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक ये बिल अब बैठक में मंजूर कर लिए गए है।

दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में 163 साल पुराने 3 मूलभूत कानूनों में बदलाव के बिल लोकसभा में पेश किए थे। सबसे बड़ा बदलाव राजद्रोह कानून को लेकर है, जिसे नए स्वरूप में लाया जाएगा। ये बिल इंडियन पीनल कोड (IPC), क्रिमिनल प्रोसिजर कोड (CrPC) और एविडेंस एक्ट हैं। जिसके बाद कई धाराएं और प्रावधान अब बदल जाएंगे। IPC में 511 धाराएं हैं, अब 356 बचेंगी। 175 धाराएं बदलेंगी। 8 नई जोड़ी जाएंगी, 22 धाराएं खत्म होंगी। इसी तरह CrPC में 533 धाराएं बचेंगी। 160 धाराएं बदलेंगी, 9 नई जुड़ेंगी, 9 खत्म होंगी। पूछताछ से ट्रायल तक वीडियो कॉन्फ्रेंस से करने का प्रावधान होगा, जो पहले नहीं था। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब ट्रायल कोर्ट को हर फैसला अधिकतम 3 साल में देना होगा। तो वहीं, देश में 5 करोड़ केस पेंडिंग हैं। इनमें से 4.44 करोड़ केस ट्रायल कोर्ट में हैं। इसी तरह जिला अदालतों में जजों के 25,042 पदों में से 5,850 पद खाली हैं। तीनों बिल जांच के लिए संसदीय कमेटी के पास भेजे गए हैं। इसके बाद ये लोकसभा और राज्यसभा में पास किए जाएंगे।


मिर्ज़ापुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. mirzapurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.