ताजा खबर
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर वाशिंगटन में मंथन, जल्द मिल सकती है खुशखबरी   ||    यूपी में खिलेगा कमल, सपा का 'टोपी' वाला ढोंग खत्म: बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन का अखिलेश यादव पर तीखा ...   ||    महिला आरक्षण पर बीजेपी का शक्ति प्रदर्शन, CM योगी बोले कांग्रेस और सपा का चेहरा अलोकतांत्रिक   ||    दलाल स्ट्रीट पर छाने को तैयार Razorpay 6 अरब डॉलर की वैल्यूएशन पर आएगा IPO निवेशकों के लिए कमाई का स...   ||    तेल की जंग में तेहरान की ललकार! प्रतिबंधों पर दी बड़ी धमकी; ‘ईरानी तेल रुका तो दुनिया को भुगतने होंग...   ||    IPL 2026: स्टार गेंदबाजों से सजी मुंबई इंडियंस की 'पेस बैटरी' हुई फेल, आंकड़ों में सबसे फिसड्डी   ||    विशाल भारद्वाज ने जयदीप अहलावत को बताया “आज का सबसे बेहतरीन एक्टर, इवेंट में हुआ बड़ा खुलासा   ||    अजय देवगन का इमोशनल पोस्ट वायरल: बेटी न्यासा देवगन को जन्मदिन की बधाई दी   ||    WWE WrestleMania 42 नाइट-2: रोमन रेंस बने नए वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियन; ब्रॉक लैसनर ने संन्यास के दिए स...   ||    ‘राजा शिवाजी’ फिल्म का ट्रेलर रिलीज़ हुआ   ||   

देश की पहली महिला सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस फातिमा बीवी का हुआ निधन, जानिए पूरा मामला

Photo Source :

Posted On:Thursday, November 23, 2023

मुंबई, 23 नवंबर, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। देश की पहली महिला सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस फातिमा बीवी का 96 साल की उम्र में निधन हो गया है। उन्होंने कोल्लम जिले के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह 1989 में सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बनीं और 29 अप्रैल 1992 तक इस पद पर रहीं। रिटायरमेंट के बाद वे नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन की सदस्य रहीं। बाद में उन्हें तमिलनाडु गवर्नर का पद भी मिला। राजीव गांधी हत्याकांड के चार दोषियों की दया याचिका को अस्वीकार करने के बाद उन्होंने गवर्नर पद से इस्तीफा दे दिया था।

आपको बता दें, जस्टिस फातिमा बीवी का जन्म 30 अप्रैल 1927 को केरल के पथानामथिट्टा में हुआ था। उन्होंने तिरुवनंतपुरम के महिला कॉलेज से कैमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। फातिमा के पिता ने उन्हें एडवोकेट की पढ़ाई करने के लिए कहा। इसके चलते उन्होंने तिरुवनंतपुरम के ही लॉ कॉलेज से LLB की डिग्री हासिल की। यहां से निकलकर साल 1950 में उन्होंने बार काउंसिल का पेपर दिया। फातिमा ने बार काउंसिल एग्जाम में टॉप किया और बार काउंसिल गोल्ड मेडल पाने वाली पहली महिला बनीं। उन्होंने कोल्लम की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट से अपने वकालत के करियर की शुरुआत की। इसके 8 साल बाद वे मजिस्ट्रेट के तौर पर ज्यूडिशियल सर्विस में आईं। 1974 में फातिमा बीवी डिस्ट्रिक्ट सेशन जज बनीं। फातिमा बीवी 1983 में केरल हाई कोर्ट की जज बनीं। इसके 6 साल बाद 1989 में सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला जज के तौर पर नियुक्त होकर उन्होंने इतिहास बना दिया। इससे पहले 30 साल तक भारत के सुप्रीम कोर्ट में कोई महिला जज नहीं थी।


मिर्ज़ापुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. mirzapurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.