ताजा खबर
भारत से लेकर जापान तक दुनिया में जंग के बीच इन 20 देशों ने बढ़ाया अपना रक्षा खर्च   ||    ट्रंप की जिस प्रेस डिनर पार्टी में चली अंधाधुंध गोलियां वहां पूरी नहीं थी सुरक्षा, अमेरिका में ही उठ...   ||    रेयर अर्थ मैटेरियल का नया ग्लोबल हब बना मलेशिया पेंटागन के साथ $1 बिलियन की डील, चीन के एकाधिकार को ...   ||    LSG vs KKR सुपर ओवर में कोलकाता की जीत, रिंकू सिंह ने अकेले पलटा मैच, लखनऊ की लगातार 5वीं हार   ||    IPL 2026 KKR के साथ हुई बेईमानी? बल्लेबाज के शरीर पर लगी गेंद, तो दिया गया रन आउट, इस नियम ने चौंकाय...   ||    आत्मनिर्भरता की मिसाल होशियारपुर में सरपंच खुद बनते हैं 'गेटमैन', गांव की सुरक्षा के लिए ट्रेन को दि...   ||    दिल्ली बनाम नई दिल्ली: क्या वाकई दोनों एक ही हैं? जानें क्षेत्रफल, इतिहास और प्रशासन का असली अंतर   ||    एक दिन’ इवेंट में आमिर खान का दिल से बयान: “साई पल्लवी आज देश की सबसे बेहतरीन एक्ट्रेस”   ||    ‘गोलमाल 5’ की धमाकेदार वापसी: ऊटी में शुरू हुई मस्ती, इस बार सवारी भी बड़ी और सरप्राइज भी!   ||    ‘इंस्पेक्टर अविनाश 2’ का टीज़र: इस बार कानून नहीं, तांडव बोलेगा!   ||   

SC ने कहा, बेटियों की पढ़ाई का खर्च उठाना पेरेंट्स की जिम्मेदारी, जानिए पूरा मामला

Photo Source :

Posted On:Thursday, January 9, 2025

मुंबई, 09 जनवरी, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक आदेश में कहा कि बेटियों को अपने पेरेंट्स से शिक्षा संबंधी खर्च मांगने का पूरा अधिकार है। जरूरत पड़ने पर माता-पिता को कानूनी तौर पर बाध्य किया जा सकता है कि वे बेटी की शिक्षा के लिए जरूरी रकम दें। कोर्ट ने यह आदेश 26 साल से अलग रह रहे दंपती के मामले में दिया। दंपती की बेटी आयरलैंड में पढ़ रही थी। पिता की तरफ से मां को दिए गए गुजारे भत्ते में बेटी की पढ़ाई के लिए 43 लाख रुपए थे, जिसे बेटी ने अपने आत्मसम्मान का हवाला का देते हुए लेने से इनकार कर दिया। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जवल भुइयां की बेंच ने कहा, बेटी को ये पैसे रखने का अधिकार है। उसे यह पैसा अपनी मां या पिता को लौटाने की जरूरत नहीं है। वह जैसे चाहे इसे खर्च कर सकती है। 28 नवंबर 2024 को दंपती के बीच एक सेटलमेंट हुआ था, जिस पर बेटी ने भी साइन किया था। इस सेटलमेंट के तहत पति ने कुल मिलाकर 73 लाख रुपए अपनी पत्नी और बेटी को देने पर सहमति जताई थी। इसमें से 43 लाख रुपए बेटी की पढ़ाई के लिए थे। बाकी पत्नी के लिए थे।

कोर्ट ने कहा कि पत्नी को अपने हिस्से के 30 लाख रुपए मिल गए हैं और दोनों पार्टियां पिछले 26 साल से अलग रह रही हैं, ऐसे में कोई कारण नहीं बनता है कि आपसी सहमति से दोनों को तलाक न दिया जाए। बेंच ने कहा कि बेटी ने अपनी गरिमा बनाए रखने के लिए पैसे लेने से इनकार किया। उसने अपने पिता से पैसे वापस लेने को कहा, लेकिन पिता ने भी मना कर दिया। पिता ने बिना किसी कारण के पैसे दिए, जिससे पता चलता है कि वे फाइनेंशियल तौर पर मजबूत हैं और अपनी बेटी की पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद करने में सक्षम हैं। कोर्ट ने आदेश दिया कि इस सेटलमेंट के मुताबिक, पति-पत्नी एक-दूसरे पर कोई केस नहीं करेंगे और अगर किसी फोरम के समक्ष कोई मामला पेंडिंग है, तो उसे सेटलमेंट के तहत निपटाया जाएगा। भविष्य में दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर कोई क्लेम नहीं करेंगीं और सेटलमेंट की शर्तों का पालन करेंगीं।


मिर्ज़ापुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. mirzapurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.