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कैलिफोर्निया में भारतीय मूल के टेक पेशेवर की 'वैली फीवर' से मौत, जानें क्या है यह बीमारी और इसके लक्षण

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Posted On:Tuesday, May 12, 2026

अमेरिका के कैलिफोर्निया में कार्यरत एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की 'वैली फीवर' (Valley Fever) नामक दुर्लभ बीमारी के कारण मौत हो गई है। इस घटना ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों और वहां रह रहे भारतीय समुदाय के बीच चिंता बढ़ा दी है।
क्या है वैली फीवर (Valley Fever)?
वैली फीवर, जिसे चिकित्सा भाषा में 'कोकिडियोइडोमाइकोसिस' (Coccidioidomycosis) कहा जाता है, एक फंगल इन्फेक्शन है। यह कोकिडियोइड्स नामक फंगस के कारण होता है, जो मिट्टी में पाया जाता है। जब मिट्टी उड़ती है या धूल भरी आंधी चलती है, तो इस फंगस के सूक्ष्म बीजाणु (spores) हवा में मिल जाते हैं। जब कोई व्यक्ति इस दूषित हवा में सांस लेता है, तो यह फंगस उसके फेफड़ों में प्रवेश कर जाता है।
बीमारी के मुख्य लक्षण:
विशेषज्ञों के अनुसार, इसके लक्षण फ्लू या सामान्य बुखार जैसे लग सकते हैं, जिससे इसकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है:

  • तेज बुखार और खांसी।
  • सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ।
  • थकान और सिरदर्द।
  • रात में पसीना आना।
  • शरीर या जोड़ों में दर्द और कुछ मामलों में त्वचा पर चकत्ते (rashes)।
यह कितना खतरनाक है?
ज्यादातर लोगों में यह संक्रमण अपने आप ठीक हो जाता है, लेकिन कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों या गंभीर मामलों में यह फेफड़ों से फैलकर शरीर के अन्य अंगों, जैसे मस्तिष्क (मेनिनजाइटिस) या हड्डियों तक पहुँच सकता है, जो जानलेवा साबित होता है। भारतीय टेक पेशेवर के मामले में भी संक्रमण गंभीर स्तर पर पहुँच गया था।
बचाव के उपाय:
चिकित्सकों का कहना है कि जो लोग धूल भरे क्षेत्रों या उन इलाकों में रहते हैं जहाँ यह फंगस आम है (जैसे दक्षिण-पश्चिम अमेरिका), उन्हें धूल भरी आंधी के दौरान बाहर निकलने से बचना चाहिए और एन-95 (N95) मास्क का उपयोग करना चाहिए।
यह घटना स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने और किसी भी लंबे समय तक चलने वाले बुखार या खांसी को हल्के में न लेने की चेतावनी देती है।


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