ताजा खबर
भारत से लेकर जापान तक दुनिया में जंग के बीच इन 20 देशों ने बढ़ाया अपना रक्षा खर्च   ||    ट्रंप की जिस प्रेस डिनर पार्टी में चली अंधाधुंध गोलियां वहां पूरी नहीं थी सुरक्षा, अमेरिका में ही उठ...   ||    रेयर अर्थ मैटेरियल का नया ग्लोबल हब बना मलेशिया पेंटागन के साथ $1 बिलियन की डील, चीन के एकाधिकार को ...   ||    LSG vs KKR सुपर ओवर में कोलकाता की जीत, रिंकू सिंह ने अकेले पलटा मैच, लखनऊ की लगातार 5वीं हार   ||    IPL 2026 KKR के साथ हुई बेईमानी? बल्लेबाज के शरीर पर लगी गेंद, तो दिया गया रन आउट, इस नियम ने चौंकाय...   ||    आत्मनिर्भरता की मिसाल होशियारपुर में सरपंच खुद बनते हैं 'गेटमैन', गांव की सुरक्षा के लिए ट्रेन को दि...   ||    दिल्ली बनाम नई दिल्ली: क्या वाकई दोनों एक ही हैं? जानें क्षेत्रफल, इतिहास और प्रशासन का असली अंतर   ||    एक दिन’ इवेंट में आमिर खान का दिल से बयान: “साई पल्लवी आज देश की सबसे बेहतरीन एक्ट्रेस”   ||    ‘गोलमाल 5’ की धमाकेदार वापसी: ऊटी में शुरू हुई मस्ती, इस बार सवारी भी बड़ी और सरप्राइज भी!   ||    ‘इंस्पेक्टर अविनाश 2’ का टीज़र: इस बार कानून नहीं, तांडव बोलेगा!   ||   

चीन की मनमानी पर अमेरिका की लगाम, इन अफसरों के वीजा पर लगाई रोक; जानें वजह

Photo Source :

Posted On:Tuesday, April 1, 2025

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोमवार को चीनी अधिकारियों के लिए वीज़ा प्रतिबंध की घोषणा की। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, तिब्बती क्षेत्रों में अमेरिकी अधिकारियों के प्रवेश को प्रतिबंधित करने के लिए जिम्मेदार चीनी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अमेरिकी राजनयिकों, पत्रकारों और अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षकों को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) द्वारा लंबे समय से तिब्बत में प्रवेश से वंचित रखा गया है। इसके जवाब में यह कदम उठाया गया है। इससे पहले चीनी अधिकारियों की संयुक्त राज्य अमेरिका तक सीधी पहुंच थी।

तिब्बत में प्रवेश पर सख्ती

अपने बयान में रुबियो ने कहा कि चीनी अधिकारियों ने तिब्बती क्षेत्रों में विदेशियों के प्रवेश पर प्रतिबंध कड़े कर दिए हैं। कई अधिकारियों ने नियमों का उल्लंघन किया है और उनके विरुद्ध अतिरिक्त वीज़ा प्रतिबंध लगाए गए हैं। 2018 में तिब्बत में प्रवेश को लेकर चीन में एक विशेष कानून पारित किया गया था। रुबियो ने कहा कि बहुत लंबे समय से सत्तारूढ़ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने अमेरिकी राजनयिकों, पत्रकारों और अन्य लोगों को तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (टीएआर) में प्रवेश करने से प्रतिबंधित कर रखा है, जबकि चीनी राजनयिकों और पत्रकारों को अमेरिका में सीधे प्रवेश की अनुमति है।

अमेरिकी लोगों के खिलाफ भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

रुबियो ने कहा कि अमेरिकी राजनयिक तिब्बत की यात्रा करने वाले अपने नागरिकों को सुविधाएं प्रदान नहीं करेंगे। अमेरिका ने सीसीपी से इस मामले में हस्तक्षेप करने और तिब्बत में अमेरिकी लोगों के प्रवेश से संबंधित नियमों में ढील देने को कहा है। रुबियो के अनुसार, अमेरिकी लोगों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा। इससे पहले, अमेरिकी विदेश विभाग ने ताइवान में चीन के हस्तक्षेप की निंदा की थी।

ताइवान पर स्पष्ट रुख

ताइपे टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने ताइवान के पक्ष में बोलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने के चीन के कदम को गलत बताया है। अमेरिका ने कहा कि चीन को ताइवान समर्थकों को परेशान करना बंद करना चाहिए। चीन ताइवान को दबाने की कोशिश कर रहा है। बीजिंग की धमकियों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। चीन हिंद-प्रशांत क्षेत्र को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है।

निष्कर्ष

अमेरिका के इस नए कदम से चीन और अमेरिका के बीच पहले से तनावपूर्ण रिश्ते और जटिल हो सकते हैं। तिब्बत में पारदर्शिता की मांग और ताइवान के प्रति अमेरिका के स्पष्ट समर्थन ने अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में चीन इस पर कैसी प्रतिक्रिया देता है और वैश्विक परिदृश्य पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है।


मिर्ज़ापुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. mirzapurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.