ताजा खबर
“दिल चुराने आ गया ‘दिल वाले चोर’: ‘पति पत्नी और वो 2’ का नया गाना हुआ रिलीज़”   ||    “भरोसे से बहस तक: कुनिका सदानंद की पोस्ट ने क्यों छेड़ दी नई राजनीतिक चर्चा”   ||    खलनायक का दर्द, जुनून और वापसी: सुभाष घई ने जगाई नई उम्मीद   ||    रिहाना की भारत में धमाकेदार वापसी, मुंबई एयरपोर्ट पर दिखा ग्लोबल स्टार का जलवा   ||    ईद 2027 पर सलमान खान का बड़ा दांव, SVC63 से बनेगा मेगा ब्लॉकबस्टर प्लान   ||    अनुपम खेर ने याद किया माइकल जैक्सन संग खास पल, बोले- “वो सिर्फ कलाकार नहीं, एक एहसास थे”   ||    ‘किंग’ का टीजर रिलीज: शाहरुख खान की दहाड़ इस क्रिसमस मचाएगी तहलका   ||    कच्चे तेल में उबाल $103 के पार पहुँचा ब्रेंट क्रूड, भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर बड़ा अपडेट   ||    ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की 'रहस्यमयी' चुप्पी गंभीर चोटों और सर्जरी के बीच IRGC ने संभ...   ||    युद्ध के खर्च ने रूस को सोना बेचने पर किया मजबूर बजट घाटे को पाटने के लिए पुतिन सरकार ने खंगाला खजान...   ||   

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा एस्ट्रोनॉट्स को चांद पर भेजने की कर रही तयारी, जानिए पूरा मामला

Photo Source :

Posted On:Friday, May 17, 2024

मुंबई, 17 मई, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा चांद पर एस्ट्रोनॉट्स को भेजने वाली है। आर्टेमिस 3 मिशन के तहत सितंबर 2026 में 2 एस्ट्रोनॉट्स चांद पर उतरेंगे। इस लूनर मिशन के लिए अमेरिकी राज्य एरिजोना की वोल्कैनो फील्ड में सिमुलेशन टेस्टिंग (किसी प्रक्रिया की नकल करना) चल रही है। यहां एस्ट्रोनॉट्स मूनवॉक की प्रैक्टिस कर रहे हैं। नासा के अंतरिक्ष यात्रियों केट रूबिन्स और आंड्रे डगलस ने आर्टेमिस 2 मिशन के लिए चुने गए एस्ट्रोनॉट्स की भूमिका निभाई। इस दौरान इन उन्होंने स्पेससूट जैसे दिखने वाले कपड़े पहने, हार्डवेयर की जांच की। इस दौरान उन्होंने चांद की सतह से सैंपल इकट्ठा करने की भी प्रैक्टिस की। एक हफ्ते तक चलने वाले इस सिमुलेशन टेस्टिंग के लिए 2 टीमें बनाई गई हैं। इनमें अंतरिक्ष यात्री, इंजीनियर, फील्ड एक्सपर्ट्स, फ्लाइट कंट्रोलर्स और वैज्ञानिक शामिल होंगे। यह मून मिशन के हर पहलू की टेस्टिंग करेंगे। इसके लिए 4 मूनवॉक और 6 एडवांस टेक्नोलॉजी टेस्टिंग की प्लानिंग की गई है। परीक्षण के दौरान नासा मून मिशन में डेटा कलेक्शन से लेकर कम्यूनिकेशन तक आने वाली दिक्कतों को पहचान कर उन्हें दूर करने की कोशिश करेगी। 1969 में अपोलो 11 मिशन के समय से ही एरिजोना के रेगिस्तान को लूनर मिशन के लिए ट्रेनिंग ग्राउंड के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।

आपको बता दें, अमेरिका 53 साल बाद एक बार फिर आर्टेमिस मिशन के जरिए इंसानों को चांद पर भेजने की तैयारी कर रहा है। इसे तीन भागों में बांटा गया है। आर्टेमिस-1, 2 और 3। आर्टेमिस-1 ने चंद्रमा का चक्कर लगाया, कुछ छोटे सैटेलाइट्स छोड़े और चांद के कई जरूरी फोटोज-वीडियोज उपलब्ध कराए। 2025 में आर्टेमिस-2 को लॉन्च किया जाएगा। इसमें कुछ एस्ट्रोनॉट्स भी जाएंगे, लेकिन वे चांद पर कदम नहीं रखेंगे। वे सिर्फ चांद के ऑर्बिट में घूमकर वापस आ जाएंगे। इस मिशन की अवधि ज्यादा होगी। इसके बाद फाइनल मिशन आर्टेमिस-3 को रवाना किया जाएगा। इसमें जाने वाले एस्ट्रोनॉट्स चांद पर उतरेंगे। यह मिशन 2026 में लॉन्च किया जा सकता है। पहली बार महिलाएं भी ह्यूमन मून मिशन का हिस्सा बनेंगी। इसमें पर्सन ऑफ कलर (श्वेत से अलग नस्ल का व्यक्ति) भी क्रू मेम्बर होगा। एस्ट्रोनॉट्स चांद के साउथ पोल में मौजूद पानी और बर्फ पर रिसर्च करेंगे। तो वहीं, नासा ऑफिस ऑफ द इंस्पेक्टर जनरल के एक ऑडिट के अनुसार, 2012 से 2025 तक इस प्रोजेक्ट पर 93 बिलियन डॉलर, यानी 7,434 अरब रुपए का खर्चा आएगा। वहीं, हर फ्लाइट 4.1 बिलियन डॉलर, यानी 327 अरब रुपए की पड़ेगी। इस प्रोजेक्ट पर अब तक 37 बिलियन डॉलर, यानी 2,949 अरब रुपए खर्च किए जा चुके हैं। आर्टेमिस मिशन के दूसरे हिस्से आर्टेमिस-2 के लिए पिछले साल 4 सदस्यीय एस्ट्रोनॉट्स की टीम की घोषणा की गई थी। इसमें पहली बार एक अश्वेत अंतरिक्ष यात्री के साथ ही एक महिला को भी शामिल किया गया था।


मिर्ज़ापुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. mirzapurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.